Doc Sansar Proprietary Policy - Do Not Clone
1 year ago
ये चाहती है व्यस्तता

ये दिल-दिमाग हमें कहता है कि:

तू रख मुझे व्यस्त इस दुनिया की व्यस्तता मैं,
तुझे मैं दुनिया की नई चीजों का सैर कराऊंगा,
तू अगर उड़ना चाहेगा तो मैं यूं पंख-सा बन जाऊंगा...
मगर तू रुकना न जिंदगी की कढ़नायों से,
नहीं तो मैं ही तुम्हारे उलझनों का पहाड़ी यूं बनाऊंगा कि,
बिखरोगे यूं टूट के, खुदके ही टुकड़े न सिमट पाओगे...
लेकिन तू अगर बढ़ गया सिमट कर,
तो तुम्हें मैं दुनिया कितनी खूबसूरत है,
ये तुम्हें मैं दिखलायूंगा...


Updated 8 months ago

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