1 year ago
ये मन क्या चाहता है

10 जून 2023

पता नहीं कभी-कभी ये मन,
कौन-सा ख्याल लाता है जो,
उमार देता है बहुत सारी उलझनें,
बरा अजीब-सा भाव जगाता है,
कर देता है बेचैन ये मन,
और क्यों ये चिरचिरापन बढ़ाता है।
पता नहीं ये मन क्या चाहता है।

मैं समझ न सकूं, आखिर ये मन क्यों,
हमेशा दो तरफा ही क्यों रह जाता है,
कभी-कभी ये दिल खोल के रोने कहता,
लेकिन फ़िर ये मन ही मुझे,
मत रो ये समझाता है,
मैं समझ न सकूं कि
ये मन क्या कहना चाहता है।

सोचता हूं मैं, क्या थे वो दिन जो,
करके खराब कई काम भी,
दो पल बाद ही मुस्कुराता था,
और पता नहीं अब क्यों,
कई काम अच्छे करके भी,
इस मन को शांत न कर पता हूं,
पता नहीं इस मन क्या करवाना है।

न ली है जिम्मेदारियां अभी किसी की,
न ही किसी का दिल दुखाया,
और न ही दी धोखा किसी को,
लेकिन फिर भी ये मन क्यों,
उलझने और बेचैनी बढ़ाता है
पता नहीं इस मन को,
क्या कसूर जताना है।

ये तो पता है मुझे,
न देता है ये ख्याल किसी एक चीज का,
क्योंकि कई बातें ध्यान ये दिलाता है,
लेकिन ख्याल है किस चीज का,
ये मन मुझे कहां सही से बताता है,
इसलिए मैं सोचूं आखिर मुझसे
ये मन क्या चाहता है

मैं पूछूं अपने मन से,
तू क्या कहना चाहे मुझसे,
लेकिन ये मन भी मुझे,
कहां कुछ सही से बता पाता है,
तो मैं ये तुमसे पूछूं,
तुम्हारा मन तुमसे क्या चाहता है,
या तुम्हें भी मन, कुछ सही से समझा न पाता है?...


Updated 1 year ago