1 year agoक्या करूं इस मन का
क्या करूं इस मन का जिसे,
सब कुछ ठीक है ये तो समझा देता हूं,
लेकिन पता नहीं ये फिर कहां से,
उदासी और बेचैनी का नया डोर खिंचा चला आता है,
और फिर ये ही मन, मुस्कराहट के पीछे बेचैनी छिपा ये सिखलता है...
Updated 1 year ago
क्या करूं इस मन का जिसे,
सब कुछ ठीक है ये तो समझा देता हूं,
लेकिन पता नहीं ये फिर कहां से,
उदासी और बेचैनी का नया डोर खिंचा चला आता है,
और फिर ये ही मन, मुस्कराहट के पीछे बेचैनी छिपा ये सिखलता है...
Updated 1 year ago